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कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत, CM विष्णुदेव साय ने जताया शोक…

रायपुर/श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में गैर-स्थानीय मजदूरों पर हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। पहले हमले में एक श्रमिक की मौके पर मौत हुई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे श्रमिक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

हेड लाइंस
• कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत
• सक्ती जिले के दोनों श्रमिकों को आतंकियों ने बनाया निशाना
• CM विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, हरसंभव सहायता का भरोसा
• TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी
• गैर-स्थानीय मजदूरों पर 21 महीने बाद बड़ा आतंकी हमला

रायपुर/श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम इलाके में शुक्रवार शाम आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे गैर-स्थानीय मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 8 वर्षीय भोपिंदर (पुत्र दशरथ) ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हमले में मृतकों की संख्या दो हो गई है। यह जम्मू-कश्मीर में पिछले 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया शोक
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में राज्य के श्रमिकों की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

TRF ने ली जिम्मेदारी, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
प्रारंभिक जांच के अनुसार इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। घटना के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।

गैर-स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा फिर बनी चिंता
कुलगाम की घटना के बाद घाटी में काम कर रहे बाहरी राज्यों के मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में गैर-स्थानीय श्रमिकों और नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा हमले के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: कुलगाम आतंकी हमला कब हुआ?
उत्तर: यह हमला शुक्रवार शाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम इलाके में हुआ।

प्रश्न 2: इस हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हुई है। दूसरा घायल मजदूर इलाज के दौरान दम तोड़ गया।

प्रश्न 3: मृतक किस जिले के रहने वाले थे?
उत्तर: दोनों श्रमिक छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी थे।

प्रश्न 4: हमले की जिम्मेदारी किसने ली है?
उत्तर: प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

प्रश्न 5: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या कहा?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

प्रश्न 6: घटना के बाद क्या कार्रवाई की गई है?
उत्तर: सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आतंकियों की तलाश जारी है।

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