महाराष्ट्र / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क
आधी रात एक पुरानी चार मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच NDRF और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। शुरुआती जांच में मरम्मत के दौरान इमारत के तीन पिलर तोड़े जाने की बात सामने आई है, जिसने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।
हेड लाइंस
• भिवंडी में आधी रात गिरी चार मंजिला इमारत, तीन लोगों की मौत
• मरम्मत के दौरान तीन पिलर तोड़ने से कमजोर हुई नींव
• NDRF ने मलबे से एक महिला को जिंदा निकाला
• कई मजदूरों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका
• हादसे के बाद पूरे इलाके में मचा हड़कंप, जांच शुरू
आधी रात अचानक बदला मंजर
भिवंडी, महाराष्ट्र: गुरुवार देर रात महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में एक बड़ा हादसा उस समय हो गया, जब एक पुरानी चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मरम्मत में लापरवाही बनी हादसे की वजह?
स्थानीय लोगों के अनुसार यह इमारत काफी पुरानी थी और पिछले कुछ दिनों से इसमें मरम्मत का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि मरम्मत के दौरान ठेकेदार और मजदूरों द्वारा इमारत के तीन महत्वपूर्ण पिलर तोड़ दिए गए थे। इन पिलरों के हटने से पूरी संरचना का संतुलन बिगड़ गया और नींव कमजोर हो गई। गुरुवार देर रात इमारत पहले हल्की झुकी और फिर देखते ही देखते पूरी तरह ढह गई। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। बचाव अभियान के दौरान एक महिला को सुरक्षित जिंदा बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के भीतर अभी भी तीन से चार मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। ऐसे में रेस्क्यू टीम बेहद सावधानी के साथ अभियान चला रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
इलाके में दहशत, लोगों में गुस्सा
हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि जर्जर इमारत की मरम्मत बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के की जा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की जाती, तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन ने आसपास की अन्य पुरानी इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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प्रशासन ने शुरू की जांच
प्रशासन ने इस हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
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