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श्रीमद भागवत कथा दौरान कृष्णरुक्मणि विवाह की झांकी रही मनमोहक ,भक्तों ने की पुष्प वर्षा….

बी.आर.कुर्रे – खरसिया

खरसिया: 19 अप्रैल 2023 खरसिया यूनिटी ग्रुप एवं महिला गौरा गौरी समिति एवं समस्त ग्रामवासी द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचिका सुश्री कृष्णोराह दामोदर ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था।

रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व, जरासंध, दंतवक्त्र, विदु रथ और पौंडरक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। वे द्वारिकापुरी आ ही रहे थे कि उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा। तब युद्ध में श्रीकृष्ण व बलराम ने रुक्मी को पराजित करके दंडित किया। तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया

आसपास क्षेत्र से श्रीमद्भागवत रसपान के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु

कृष्ण रुक्मणी विवाह में क्षेत्र के आसपास से सैकड़ों की संख्या में भागवत की रसपान के लिए उमड़ रहे हैं भक्त कृष्ण रुक्मणी विवाह के साक्षी बने भक्त गढ़ कृष्ण और रुक्मणी की झांकी ने भक्तों का मन मोहा कृष्ण रुक्मणी के विवाह में सभी भक्तों ने की पुष्प वर्षा की |

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