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प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिला अतिरिक्त प्रभार…

NEW DELHI / SWATANTRA CHHATTISGARH

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद जोशी संभालेंगे।

मुख्य बातें

• प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला।
• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया।
• प्रह्लाद जोशी पहले से तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
• कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं।
• शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व के साथ आगामी नीतिगत फैसलों पर नजर रहेगी।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद यह जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी है। सरकार के इस फैसले के साथ ही शिक्षा मंत्रालय का कामकाज अब उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रह्लाद जोशी के पास पहले से हैं कई अहम मंत्रालय

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे पहले भी वे केंद्र सरकार में कोयला, खान और संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है और प्रशासनिक अनुभव के कारण कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती रही हैं।

धारवाड़ से पांच बार सांसद, राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान

कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से प्रह्लाद जोशी लगातार पांच बार सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के कारण उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में वे इंटरनेशनल सोलर अलायंस (International Solar Alliance) के अध्यक्ष भी हैं। विभिन्न मंत्रालयों में उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और समन्वय के लिए जाना जाता है।

क्या है पूरा मामला?

धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार देने का फैसला किया। इसी बीच शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

आगे क्या?

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षा मंत्रालय में प्रह्लाद जोशी के नेतृत्व में कौन से प्रशासनिक और नीतिगत फैसले लिए जाते हैं। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र सरकार की आगामी रणनीति भी महत्वपूर्ण रहेगी।

FAQ

प्रश्न: देश के नए शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार किसे मिला है?
उत्तर: वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रश्न: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसने स्वीकार किया?
उत्तर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया।

प्रश्न: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में किन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं?
उत्तर: वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार पहले से संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है।

प्रश्न: प्रह्लाद जोशी किस लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं?
उत्तर: वे कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं।

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