रायपुर, छत्तीसगढ़
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके फैसले को राष्ट्रहित, नैतिकता और सार्वजनिक जीवन की मर्यादाओं के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। वहीं, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने धर्मेंद्र प्रधान से अपना इस्तीफा वापस लेने की अपील की है।
मुख्य बातें
• केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया आई।
• सीएम ने कहा- राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए लिया गया फैसला नैतिक मूल्यों का परिचायक है।
• राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा सुधारों में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना की।
• स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया।
• इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी।
रायपुर, छत्तीसगढ़: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी कार्यशैली और निर्णय की खुलकर सराहना की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।
शिक्षा सुधारों में भूमिका को बताया ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री के रूप में विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन को उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियां बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण आने वाले समय में भी देश को नई दिशा देता रहेगा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
गजेंद्र यादव बोले- इस्तीफा वापस लेना चाहिए
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशकों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा प्रयास धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में हुआ। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को आधुनिक स्वरूप मिला और विद्यार्थियों को नए अवसर उपलब्ध हुए। गजेंद्र यादव ने कहा कि देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भाजपा के कई नेताओं ने उनके कार्यकाल में हुए शिक्षा सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की सराहना की है। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों और आगे की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं लगातार जारी हैं। केंद्र सरकार की ओर से भविष्य में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े निर्णयों पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
आगे क्या होगा?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और केंद्र सरकार आगे क्या निर्णय लेगी। साथ ही, यदि इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक फैसला या नई घोषणा होती है, तो उसका असर राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा क्षेत्र दोनों पर देखने को मिल सकता है।
FAQ
प्रश्न: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रश्न: मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के किन कार्यों की सराहना की?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, शिक्षा सुधारों, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने में उनके योगदान की सराहना की।
प्रश्न: गजेंद्र यादव ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा क्षेत्र में योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया।
प्रश्न: आगे क्या हो सकता है?
उत्तर: शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व और केंद्र सरकार के आगामी निर्णयों पर सभी की नजर रहेगी।
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