नई दिल्ली/ भारत
हेड लाइन्स
NEET और CBSE परीक्षा विवाद को लेकर आज कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी कैंडल मार्च
सभी जिला कांग्रेस समितियों को शाम को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
छात्रों के समर्थन और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में होगा सत्याग्रह
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को देशभर में जिला स्तर पर कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का फैसला किया है। पार्टी ने अपने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) और जिला कांग्रेस समितियों (DCC) को निर्देश जारी कर शाम के समय बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। यह प्रदर्शन कथित NEET और CBSE परीक्षा अनियमितताओं, छात्रों के समर्थन तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया जा रहा है।
जिला स्तर पर आयोजित होंगे कार्यक्रम
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश पर सभी जिला कांग्रेस समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित करेंगी। कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों और युवाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करना है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि देश के युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
पहले भी निकाला गया था कैंडल मार्च
इससे पहले कांग्रेस सांसदों और विपक्षी दलों के नेताओं ने नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति तक कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। पार्टी का कहना है कि शनिवार का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम उसी अभियान का विस्तार है, जिसके माध्यम से छात्रों की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी
इधर, परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख के संकेत दिए हैं, जबकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसे मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में कांग्रेस का यह राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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