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NEET पेपर लीक विवाद: अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिले केंद्रीय मंत्री, सरकार ने शुरू की बातचीत की पहल…

नई दिल्ली

NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से केंद्र सरकार ने बातचीत की पहल की है। रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनसे मुलाकात की।

हेड लाइंस
NEET पेपर लीक मुद्दे पर सोनम वांगचुक से सरकार की बातचीत की पहल
रिपोर्ट के अनुसार जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में की मुलाकात
28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आज 33वां दिन

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से संवाद की पहल की है। रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

28 जून से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाना शामिल है।

जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का मंगलवार को 33वां दिन रहा। देर रात तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर मौजूद रहे। इनमें संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले प्रदर्शनकारी भी शामिल थे। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किए जाने के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया।

स्थिति पर बनी हुई है नजर
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अब तक किसी औपचारिक सहमति या निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। आंदोलन और सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।

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