अयोध्या | उत्तर प्रदेश
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आज ऐसे समय में हो रही है, जब हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। बैठक में ट्रस्ट के नए पदाधिकारियों के चयन के साथ-साथ भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
हेड लाइंस
शाम 4 बजे होगी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक
तीन नए ट्रस्टियों और स्थायी महासचिव के चयन पर होगी चर्चा
चढ़ावा चोरी मामले के बाद सुरक्षा और पारदर्शिता रहेगा प्रमुख मुद्दा
मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी हो सकती है चर्चा
मंदिर प्रबंधन और समितियों के पुनर्गठन पर लिए जा सकते हैं निर्णय
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक मंगलवार शाम 4 बजे मणिरामदास जी की छावनी में आयोजित होगी। इससे पहले दोपहर 3 बजे विशेष बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नए सदस्यों के नामों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। हाल ही में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार किए जाने तथा ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन मिश्र के निधन के बाद ट्रस्ट में तीन पद रिक्त हो गए हैं। ऐसे में नए ट्रस्टियों और स्थायी महासचिव के चयन पर सहमति बनने की संभावना है।
सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता पर रहेगा विशेष फोकस
हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर ट्रस्ट पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। बैठक में दान राशि की गणना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने, गणना कक्ष को नए स्थान पर स्थानांतरित करने, निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
पहले CEO की नियुक्ति प्रक्रिया भी होगी आगे
राम मंदिर के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। इसके लिए गठित चयन समिति को 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर प्रारंभिक चर्चा कर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, रामलला की सेवा में लगे अर्चकों के कार्यों की समीक्षा तथा मंदिर प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।
देशभर के राम भक्तों की नजर बैठक पर
बैठक में शामिल होने के लिए कई प्रमुख ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ और युगपुरुष स्वामी परमानंद शामिल हैं। वहीं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन के भी बैठक से पहले पहुंचने की उम्मीद है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद आयोजित हो रही यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है, इसलिए इसके निर्णयों पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं और राम भक्तों की विशेष नजर रहेगी।
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