रायपुर | छत्तीसगढ़
राजधानी रायपुर में 18 वर्षीय युवक की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बर्थडे पार्टी के दौरान गंभीर रूप से झुलसे युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने दोस्तों पर जिंदा जलाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
हेड लाइंस
• बर्थडे पार्टी के बाद झुलसे 18 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत
• परिजनों ने दोस्तों पर जिंदा जलाने का लगाया आरोप
• पुलिस के बयान दर्ज नहीं कराने पर उठे सवाल
• पुलिस बोली- सभी पहलुओं से की जा रही जांच
रायपुर। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय मोहम्मद शाकीब की मौत के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को शाकीब अपने कुछ दोस्तों के साथ सुयश अस्पताल के पीछे स्थित मैदान में गया था, जहां खाना-पीना और पार्टी का आयोजन था। इसी दौरान वह गंभीर रूप से आग से झुलस गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि शाकीब को शराब पार्टी के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाकर जानबूझकर जिंदा जलाया गया। उनका कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे शाकीब का मृत्यु पूर्व बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) दर्ज नहीं कराया। इसको लेकर परिजनों ने थाने में विरोध प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने बताया अपना पक्ष
सरस्वती नगर पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शाकीब का दोस्त मुकेश निषाद नई दोपहिया वाहन लेकर आया था, जिसे शाकीब भी चला रहा था। इसी बात को लेकर मुकेश को उसके परिजनों ने डांटा था। पुलिस का दावा है कि गुस्से में मुकेश अपनी बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश कर रहा था और उसे रोकने के दौरान शाकीब भी आग की चपेट में आ गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
एमएलसी प्रक्रिया को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आग से झुलसने जैसा गंभीर मामला होने के बावजूद समय रहते आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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