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स्टेट हाईवे खोदकर निकाला पानी, अब राइस मिल संचालक पर एफआईआर; नाले पर अतिक्रमण की भी उठी जांच की मांग…

JANJGIR/CHANPA

बिना अनुमति सरकारी सड़क खोदने पर पीडब्ल्यूडी की बड़ी कार्रवाई, राजस्व विभाग से सीमांकन कराने की मांग तेज
मुख्य बातें

जांजगीर-चांपा। अकलतरा क्षेत्र में निजी परिसर से वर्षा का पानी निकालने के लिए बिना अनुमति स्टेट हाईवे को जेसीबी से खोदने के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सख्त कदम उठाते हुए महावीर राइस मिल के संचालक के खिलाफ अकलतरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। सरकारी सड़क को नुकसान पहुंचाने और कई घंटों तक सार्वजनिक आवागमन बाधित होने के बाद यह मामला अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कथित अतिक्रमण की जांच की मांग तक पहुंच गया है।

चार घंटे तक बाधित रहा यातायात, लाखों रुपये की क्षति का दावा

जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण राइस मिल परिसर में जलभराव हो गया था। आरोप है कि पानी की निकासी के लिए संचालक ने बिना किसी शासकीय अनुमति के अकलतरा-शिवरीनारायण स्टेट हाईवे को तीन से चार फीट तक जेसीबी से खुदवा दिया। इससे सड़क पर करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण में सड़क को लगभग 5.30 लाख रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है। विभाग की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल

घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के समक्ष यह सवाल भी उठाया कि अकलतरा में पहले भी कई बार भारी वर्षा हुई, लेकिन किसी ने अपनी निजी समस्या के समाधान के लिए सरकारी सड़क नहीं खोदी। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर पूरे नगर की आवाजाही प्रभावित करना अनुचित है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।

नाले पर कथित अतिक्रमण और सीमांकन की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने राइस मिल परिसर के आसपास स्थित प्राकृतिक नाले पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि वर्षों पहले नाले की चौड़ाई कम कर निर्माण किया गया, जिससे प्राकृतिक जल निकासी प्रभावित हुई और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ी। नागरिकों ने राजस्व विभाग से पूरे परिसर और आसपास की भूमि का सीमांकन कराकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि कहीं सरकारी भूमि या नाले पर अतिक्रमण तो नहीं हुआ है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल सड़क खोदने के मामले में कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। यदि जल निकासी व्यवस्था से छेड़छाड़ या अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक होने पर सीमांकन कर कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई है।

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