रायपुर/छत्तीसगढ़
दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग से पूछताछ में सामने आया अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, दुबई, मॉरिशस और यूनाइटेड किंगडम तक फैला था कारोबार
मुख्य बातें
- महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी की जांच में बड़ा खुलासा।
- कारोबारी विकास गर्ग ईडी की रिमांड पर, पूछताछ जारी।
- दुबई, मॉरिशस और यूनाइटेड किंगडम के जरिए काली कमाई को बनाया जाता था सफेद।
- विदेशी निवेश के नाम पर रकम भारत वापस लाई जाती थी।
- अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क, 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां हाल ही में जब्त।
रायपुर। महादेव सट्टा ऐप से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग से पूछताछ के दौरान कथित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी से होने वाली लगभग 450 करोड़ रुपये प्रतिमाह की अवैध कमाई को वैध बनाया जाता था। फिलहाल आरोपी ईडी की रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
फर्जी कंपनियों और विदेशी नेटवर्क के जरिए चलता था खेल
जांच एजेंसी के अनुसार सट्टेबाजी से अर्जित धनराशि को सीधे बैंकिंग प्रणाली में जमा करने के बजाय पहले नकद के बदले फर्जी एंट्री के माध्यम से शेल कंपनियों में भेजा जाता था। इसके बाद इस रकम को दुबई, मॉरिशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के जरिए कई स्तरों पर स्थानांतरित किया जाता था। जांच में सामने आया है कि दुबई इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का प्रमुख केंद्र था, जहां से धनराशि को अन्य देशों में भेजकर वैध निवेश का स्वरूप दिया जाता था।
विदेशी निवेश के रूप में भारत लौटता था पैसा
ईडी के अनुसार कथित तौर पर इस धनराशि को योग्य संस्थागत निवेश, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड जैसे वैध निवेश माध्यमों के जरिए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में विदेशी निवेश के रूप में वापस भारत लाया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से अवैध धन को वैध कारोबारी निवेश का रूप दिया जाता था।
हजारों करोड़ की संपत्तियां कुर्क, जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार इस कथित अवैध कमाई का उपयोग भारत और विदेशों में शेयर, प्रतिभूतियां, अचल संपत्तियां खरीदने के साथ-साथ अमेरिका की एक प्रमुख कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए भी किया गया। एजेंसी अब तक इस मामले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। वहीं हाल ही में विकास गर्ग और उनके परिजनों से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की वित्तीय और अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और ईडी अन्य वित्तीय कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।
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