मौसम / छत्तीसगढ़
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के चार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई है।
हेडलाइंस
- सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर में बारिश का येलो अलर्ट।
- 13 जुलाई से प्रदेश में मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत।
- अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज।
- किसानों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार भले ही जुलाई के दूसरे सप्ताह में कुछ धीमी पड़ गई हो, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राहत भरी खबर दी है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा संभाग में सबसे अधिक असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार आगामी पांच दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और 13 जुलाई से वर्षा की गतिविधियों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
चार जिलों में येलो अलर्ट, बिजली गिरने की भी आशंका
मौसम विभाग ने रविवार के लिए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। राजधानी रायपुर में भी दिनभर बादल छाए रहने तथा रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्रदेश अब भी सामान्य बारिश से पीछे
एक जून से 11 जुलाई तक प्रदेश में कुल 252.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 320.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार राज्य में अब तक औसत से 21 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पिछले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के अधिकांश क्षेत्रों तथा बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, लेकिन पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।
दो बड़े मौसमी सिस्टम से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बिहार के ऊपर ऊपरी हवा के दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनकी वजह से बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश की ओर पहुंच रही है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 13 जुलाई से इन दोनों सिस्टम का प्रभाव और बढ़ेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
बारिश की कमी से आधे जिले प्रभावित
राज्य के 32 जिलों में से 16 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं। सबसे अधिक कमी सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर जिलों में दर्ज की गई है। वहीं बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव और सुकमा जैसे जिले भी सामान्य से पीछे चल रहे हैं। दूसरी ओर सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि मुंगेली में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई है।
किसानों के लिए अगले कुछ दिन अहम
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन जिलों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां धान सहित अन्य फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और खेती-किसानी की गतिविधियों में तेजी आएगी।
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