Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक पर हाईकोर्ट की सख्त निगरानी जारी, कार्रवाई और जागरूकता अभियान पर जताया संतोष…

हेड लाइन्स:

छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग पर अब हाईकोर्ट की निगरानी लगातार जारी रहेगी। मुख्य सचिव द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत शपथ पत्र में बताया गया कि मई और जून 2026 के दौरान पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर स्वच्छता, जनजागरूकता और प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्ती अभियान संचालित किए गए। न्यायालय ने राज्य सरकार के प्रयासों को संतोषजनक माना, लेकिन स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के इस महत्वपूर्ण विषय पर न्यायालयीय मॉनिटरिंग आगे भी जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है।

जनहित याचिका में उठाए गए अहम मुद्दे

रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, चम्मच, स्ट्रॉ, थर्माकोल से बनी सजावटी सामग्री, 200 मिलीलीटर से कम क्षमता वाली पीईटी बोतलों तथा विज्ञापन में उपयोग होने वाले फ्लेक्स-बैनरों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। हालांकि, दवाइयों की पैकेजिंग और 50 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले दूध के पैकेट जैसी आवश्यक वस्तुओं को नियमों के तहत छूट प्रदान की गई है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि उच्च स्तरीय समिति के गठन संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश के बावजूद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने शासन को अब तक कोई ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया।

कार्रवाई में जब्ती और लाखों रुपये का जुर्माना

मुख्य सचिव ने न्यायालय को बताया कि पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। रायपुर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माता और उपयोगकर्ताओं पर कुल 7 लाख 26 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि एक प्लास्टिक उत्पादक के विरुद्ध आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। वहीं बिलासपुर, बोदरी और तखतपुर क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 386 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर 93 हजार 100 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

नदी घाटों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर चला विशेष अभियान

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्यभर में सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और जलाशयों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। बिलासपुर में अरपा नदी के घाट, मंगल भवन, रविदास चौक, जतिया तालाब, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बुधवारी बाजार सहित कई प्रमुख स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम, जिला पंचायत और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के संयुक्त अभियान में 9 हजार से अधिक लोगों ने श्रमदान किया, जबकि नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों नागरिकों को प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। लोगों को कचरा पृथक्करण के लिए चार रंगों वाले डस्टबिन भी वितरित किए गए।

रायपुर में तीन दिवसीय विशेष अभियान, जागरूकता पर विशेष जोर

राजधानी रायपुर के शास्त्री नगर मार्केट, शंकर नगर, भाटागांव और हीरापुर क्षेत्र में 16 से 18 जून तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को जूट एवं कपड़े के थैले तथा पर्यावरण अनुकूल पेंसिल वितरित की गईं। अभियान का व्यापक प्रचार आकाशवाणी, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी किया गया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए मामले की नियमित निगरानी आगे भी जारी रखी जाएगी।

ख़बरें और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप को ज्वाइन करना न भूलें:
http://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG

Exit mobile version