जम्मू / भारत
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू से रवाना हुए पहले श्रद्धालु, रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की उम्मीद
हेडलाइंस
- जम्मू से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।
- यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद रोधी तैयारियां पूरी।
- बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर।
- इस वर्ष यात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना।
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार सुबह वार्षिक अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा की सफलता की कामना की। उनका कहना है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रियों के लिए आवास, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके।
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क, यात्रा मार्ग पर कड़ी निगरानी
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने यात्रा शुरू होने से पहले आतंकवाद रोधी अभ्यास किया तथा पूरे मार्ग की गहन जांच की। खोजी श्वान दस्ते और विशेष सुरक्षा दलों की तैनाती के साथ प्रमुख मार्गों और आधार शिविरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बालटाल और पहलगाम मार्ग से होगी यात्रा
दक्षिण कश्मीर स्थित लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष यात्रा पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग से संचालित की जा रही है। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पर्व के साथ संपन्न होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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