Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों पर एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई, भ्रामक दावों पर छह कंपनियों को भेजा नोटिस…

न्यू दिल्ली / भारत

खाद्य सुरक्षा नियामक ने लेबलिंग और प्रचार संबंधी दावों पर जताई आपत्ति, उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई तेज
हेडलाइंस

नई दिल्ली। देश में बिकने वाले प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांड अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के रडार पर आ गए हैं। खाद्य सुरक्षा नियामक ने भ्रामक ब्रांडिंग, लेबलिंग और प्रचार संबंधी दावों को लेकर छह प्रमुख पेय पदार्थ कंपनियों को नोटिस जारी किया है। नियामक का कहना है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावों और उत्पादों की प्रस्तुति पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

“एनर्जी ड्रिंक” शब्द के उपयोग पर एफएसएसएआई की आपत्ति

एफएसएसएआई के अनुसार वर्तमान खाद्य मानकों में “एनर्जी ड्रिंक” नाम से कोई पृथक मानक अधिसूचित नहीं है। इसके बावजूद कई कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग और लेबल पर इस शब्द का उपयोग कर रही हैं। नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य श्रेणी प्रणाली का उपयोग उत्पाद के नाम या ब्रांडिंग के रूप में नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य लाभ के दावों पर भी सख्त रुख

नियामक ने कहा है कि “शरीर और मस्तिष्क को ऊर्जा देना”, “ध्यान बढ़ाना”, “ऊर्जा स्तर बढ़ाना” या “सामान्य कमजोरी दूर करना” जैसे कार्यात्मक अथवा चिकित्सीय दावे खाद्य उत्पादों के लिए अनुमन्य नहीं हैं, जब तक वे निर्धारित नियमों के अनुरूप न हों। ऐसे दावों को उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला माना जा सकता है।

इन ब्रांडों को जारी किया गया नोटिस

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जिन छह ब्रांडों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, पेप्सीको इंडिया का एड्रेनालिन रश एनर्जी ड्रिंक, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का कैंपा एनर्जी ड्रिंक गोल्ड बूस्ट, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, हेल एनर्जी और मॉन्स्टर एनर्जी शामिल हैं। फिलहाल कंपनियों की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हाल के महीनों में एफएसएसएआई विभिन्न खाद्य एवं पेय उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग और विज्ञापनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।

खबरें और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ के व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करना न भूलें।
https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG

Exit mobile version