भिलाई / छत्तीसगढ़
अय्यप्पा नगर में निगम, राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सरकारी भूमि को कराया गया कब्जामुक्त
हेडलाइंस
- भिलाई के अय्यप्पा नगर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
- सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण को किया गया ध्वस्त
- निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम रही मौजूद
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
- प्रशासन ने भूमि को कब्जामुक्त घोषित किया
भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई स्थित अय्यप्पा नगर क्षेत्र में सोमवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई कर निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर यह कार्रवाई की गई।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुपेला थाना क्षेत्र के अय्यप्पा नगर में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कर मदरसा संचालित किए जाने की शिकायत लंबे समय से प्राप्त हो रही थी। शिकायतों के आधार पर राजस्व विभाग और निगम के अधिकारियों ने भूमि अभिलेखों की जांच की। जांच में संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
संयुक्त टीम ने किया ध्वस्तीकरण
सोमवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी, राजस्व अमला, निगम कर्मी और पुलिस बल बुलडोजर सहित आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष निगरानी रखी गई। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में बैरिकेडिंग भी की गई थी।
सवा एकड़ भूमि को कराया गया कब्जामुक्त
भिलाई नगर पुलिस के अधिकारियों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित लगभग सवा एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया था। प्रशासन ने कार्रवाई के बाद उक्त भूमि को कब्जामुक्त घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार भूमि का बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में आंका जा रहा है।
स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी
कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने लोगों को निर्धारित दूरी पर रखने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया। इस दौरान कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने हालात को नियंत्रित रखते हुए कार्रवाई पूरी कर ली। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक और शासकीय भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले भूमि की वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें।
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