स्वतंत्र छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशंसा का दिखा असर, पारंपरिक सुगंधित चावल बना किसानों और महिला समूहों की नई पहचान
प्रमुख बिंदु
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना के बाद बढ़ी विष्णु भोग चावल की मांग
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली नई पहचान
- रायपुर से पहुंचे ग्राहकों ने सीधे की 50 किलो चावल की खरीदी
- महिला उत्पादक कंपनी को मिला बाजार का नया अवसर
- किसानों और स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ने की उम्मीद
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जिले के पारंपरिक विष्णु भोग चावल की खुलकर प्रशंसा किए जाने के बाद इसकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिले के बाहर से भी लोग इस विशेष सुगंधित चावल को खरीदने के लिए सीधे उत्पादकों तक पहुंच रहे हैं।
सोशल मीडिया बना लोकप्रियता का माध्यम
मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत निमधा में आयोजित जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थानीय किसानों और महिला समूहों द्वारा उत्पादित विष्णु भोग चावल की गुणवत्ता और विशेषताओं की सराहना की थी। मुख्यमंत्री के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद इस पारंपरिक चावल को व्यापक पहचान मिलने लगी। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इस चावल के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
रायपुर से पहुंचे खरीदार, की सीधी खरीदी
मुख्यमंत्री की प्रशंसा से प्रभावित होकर रायपुर निवासी अजय कुमार अपने साथियों के साथ सीधे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले पहुंचे। उन्होंने जिले की तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से 50 किलोग्राम विष्णु भोग चावल की खरीदी की। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की उपस्थिति में हुई इस खरीदी की कुल कीमत 7 हजार रुपये रही। खरीदारों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा इस उत्पाद की चर्चा के बाद उनकी रुचि बढ़ी और वे इसकी सुगंध एवं स्वाद का अनुभव करने यहां पहुंचे।
महिला समूहों और किसानों को मिल रहा लाभ
तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की नीति से किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को सीधा लाभ मिल रहा है। बाजार का विस्तार होने से उत्पादकों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है और नए ग्राहक भी जुड़ रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती
विष्णु भोग चावल की बढ़ती मांग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को पहचान मिलने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ी हैं। साथ ही महिला समूहों को भी आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिल रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
कृषि समृद्धि और महिला उद्यमिता का बन रहा प्रतीक
अपनी विशिष्ट सुगंध, उत्कृष्ट स्वाद और उच्च गुणवत्ता के कारण विष्णु भोग चावल अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं रहा, बल्कि जिले की कृषि समृद्धि और महिला उद्यमिता का प्रतीक बनता जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की पहल ने इस पारंपरिक चावल को नई पहचान दिलाई है और किसानों के लिए बेहतर बाजार संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।

