रायपुर / छत्तीसगढ़
एमजी रोड स्थित तीन मंजिला भवन में मची अफरा-तफरी, 15 फायर ब्रिगेड वाहनों की मदद से बुझाई गई आग
प्रमुख बिंदु
- एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग में लगी भीषण आग
- आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंची
- 11 घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान
- जेसीबी से दीवार तोड़कर अंदर पहुंची फायर टीम
- किसी प्रकार की जनहानि नहीं, फॉरेंसिक जांच होगी
रायपुर। राजधानी रायपुर के व्यस्ततम एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग में गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद लगभग 11 घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया गया।
धुएं के गुबार से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह दुकान के भीतर से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
स्पेयर पार्ट्स और ज्वलनशील सामग्री से बढ़ी आग
जानकारी के अनुसार जया ऑटोमोबाइल के भवन में बड़ी मात्रा में वाहनों के स्पेयर पार्ट्स, टायर, ट्यूब, प्लास्टिक सामग्री और लुब्रिकेंट्स का भंडारण किया गया था। इन ज्वलनशील सामग्रियों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जेसीबी से तोड़ी गई दीवार, तब मिला रास्ता
आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों को भवन के भीतर पहुंचने में काफी कठिनाई हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए जेसीबी मशीन की मदद से भवन के सामने का हिस्सा तोड़ा गया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम अंदर पहुंच सकी। इसके बाद लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
15 दमकल वाहनों ने संभाला मोर्चा
आग बुझाने के लिए शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से लगभग 15 फायर ब्रिगेड वाहनों को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने लगातार कई घंटों तक अभियान चलाकर आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोका। आग की तीव्रता को देखते हुए यह अभियान काफी चुनौतीपूर्ण माना गया।
फॉरेंसिक टीम करेगी जांच
अधिकारियों के अनुसार आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण करेगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जनहानि नहीं होना राहत की बात
इस भीषण अग्निकांड के बीच सबसे राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि आग से लाखों रुपये के सामान के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
खबरें और भी…
स्वतंत्र छत्तीसगढ़ के व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करना न भूलें।
https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG

