मौसम / रायपुर
राजधानी में देर रात हुई बारिश के बाद बदला मौसम, प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की दस्तक के संकेत
प्रमुख बिंदु
- रायपुर में देर रात हुई तेज बारिश से मौसम हुआ सुहावना
- अगले तीन दिनों में छत्तीसगढ़ में मानसून प्रवेश की संभावना
- 11 जून से बारिश की गतिविधियों में हो सकती है बढ़ोतरी
- कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
- तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार देर रात हुई तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। लंबे समय से गर्म मौसम का सामना कर रहे राजधानीवासियों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा है और प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं।
तीन दिनों में मानसून पहुंचने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। वर्तमान में वातावरण में नमी बढ़ रही है और विभिन्न मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिससे मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि मौसम की वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो प्रदेश के कई क्षेत्रों में जल्द ही मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है।
11 जून से बढ़ सकती हैं बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 11 जून से वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तोकापाल में हुई वर्षा, राजनांदगांव रहा सबसे गर्म
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई। बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र में एक सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तक फैली हुई है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बादल छाने, वर्षा होने और गरज-चमक की घटनाओं में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
रायपुर में बादलों का डेरा, मौसम रहेगा बदला-बदला
राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि शहर के लिए विशेष वर्षा चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौसम में नमी और बादलों की मौजूदगी से वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने रायपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर
मानसून की संभावित दस्तक को देखते हुए किसानों के बीच उत्साह का माहौल है। कृषि कार्यों की तैयारी में जुटे किसानों को बारिश का इंतजार है। वहीं शहरों में रहने वाले लोगों को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है।
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