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सुशासन तिहार में आज जनता से सीधे संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, राजधानी में ई-रिक्शा पंजीयन अभियान भी शुरू…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे योजनाओं और शिकायतों की समीक्षा, रायपुर में ई-रिक्शा चालकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

हेडलाइंस

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जन समस्या निवारण शिविर में पहुंचकर आम नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के निराकरण की स्थिति की जानकारी लेंगे। राज्य सरकार की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सुबह से शाम तक चलेगी समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित शिकायतों और उनके निराकरण की प्रगति पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों को निर्देश देंगे कि आम जनता से जुड़े मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

जन समस्याओं के समाधान पर सरकार का फोकस

सुशासन तिहार कार्यक्रम के जरिए सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने पर ध्यान दे रही है। प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

राजधानी में ई-रिक्शा और ऑटो पंजीयन अभियान शुरू

इधर राजधानी रायपुर में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो के ऑनलाइन पंजीयन के लिए विशेष अभियान की शुरुआत कर दी गई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इस अभियान का शुभारंभ किया। जनहित फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किए गए क्यूआर कोड और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से वाहन चालकों और मालिकों को पंजीयन की सुविधा दी जा रही है।

15 दिनों के भीतर कराना होगा रजिस्ट्रेशन

अभियान के तहत ई-रिक्शा मालिक और चालकों को अगले 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन प्रक्रिया में चालक और वाहन मालिक का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से राजधानी में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो की वास्तविक संख्या सामने आएगी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

वाहन संचालकों का पूरा डेटा रहेगा सुरक्षित

ऑनलाइन पंजीयन के बाद वाहन संचालकों का पूरा रिकॉर्ड पुलिस विभाग के पास उपलब्ध रहेगा। इससे यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा होगी। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है।

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