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बलौदाबाजार में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई पहचान, 4 और संस्थाएं एनक्यूएएस प्रमाणित…

बलौदाबाजार / छत्तीसगढ़

हाइलाइट बॉक्स:

बलौदाबाजार जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। हाल ही में जिले की चार स्वास्थ्य संस्थाओं ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणन प्राप्त किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। इस उपलब्धि से न केवल प्रशासन बल्कि स्थानीय नागरिकों में भी विश्वास बढ़ा है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शानदार प्रदर्शन

इस मूल्यांकन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर मोहरा ने 94.16%, मोहभट्टा ने 92.61% और सकलोर ने 95.36% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दतान को 88.59% अंक मिले हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को 12 विभिन्न सेवाओं के आधार पर तथा पीएचसी को 6 विभागों के मूल्यांकन के आधार पर यह प्रमाण पत्र दिया गया है।

गुणवत्ता मानकों पर होता है कड़ा मूल्यांकन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी के अनुसार एनक्यूएएस निरीक्षण के दौरान सेवा प्रावधान, मरीजों के अधिकार, बुनियादी ढांचा, नैदानिक सेवाएं और संक्रमण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक भरोसेमंद और सुलभ बनाना है।

जिले में बढ़ रही प्रमाणित संस्थाओं की संख्या

इस नई उपलब्धि के साथ अब बलौदाबाजार जिले में कुल 54 स्वास्थ्य संस्थाएं एनक्यूएएस प्रमाणित हो चुकी हैं। इनमें जिला अस्पताल, सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 35 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं। यह आंकड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार का संकेत देता है।

आगे भी जारी रहेगा गुणवत्ता सुधार अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 6 अन्य संस्थाओं के परिणाम अभी आने बाकी हैं, जिससे आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रमाणन से न केवल संस्थाओं को प्रोत्साहन मिलता है बल्कि मरीजों को भी बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होती हैं।

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