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उर्स-ए-पाक का आगाज़: तीन मजार में 5 से 7 मई तक रौशन होगी अकीदत की महफ़िल…

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट :
तीन दिवसीय उर्स 5 से 7 मई तक • शाही संदल जुलूस 5 मई को • कव्वाली, तकरीर और समा महफ़िल का आयोजन • 7 मई को कुल शरीफ और आम लंगर

रायपुर। हज़रत सैयद चांद शाह वली रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह, तीन मजार नलघर चौक में इस वर्ष भी सालाना उर्स-ए-पाक पूरे अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। तीन दिवसीय यह धार्मिक आयोजन 5 मई से शुरू होकर 7 मई तक चलेगा, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन के शामिल होने की उम्मीद है।

शाही संदल जुलूस से होगी शुरुआत

उर्स का आगाज़ 5 मई, मंगलवार को बाद नमाज़ ज़ोहर शाही संदल चादर जुलूस के साथ होगा। यह जुलूस आस्ताने से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों का गश्त करते हुए मजार शरीफ पहुंचेगा। असर की नमाज़ के बाद चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी, जिसके बाद दुआ-ए-खैर और तबर्रुक तकसीम किया जाएगा।

कव्वाली और तकरीरों से सजेगी महफ़िल

उसी दिन मगरिब की नमाज़ के बाद दरबारी कव्वालों द्वारा सूफियाना कलाम पेश किया जाएगा, जो महफ़िल को रूहानी रंग में रंग देगा। रात में उलमा-ए-इकराम की तकरीरें होंगी, जिनमें इस्लामी शिक्षाओं और सूफी परंपराओं पर रोशनी डाली जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलेगा।

समा महफ़िल में झूमेगा जनसमूह

6 मई, बुधवार को शाम समा महफ़िल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कव्वाल अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और अधिक खुशनुमा बनाएंगे। इस दौरान नात-ख्वानी और धार्मिक तकरीरों का सिलसिला भी लगातार जारी रहेगा, जो उर्स की रूहानी अहमियत को और गहराई देता है।

कुल शरीफ और लंगर के साथ समापन

7 मई को सुबह 10 बजे कुल शरीफ की फातिहा दी जाएगी, जिसके साथ उर्स का समापन होगा। इसके बाद आम लंगर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी जायरीन को भोजन कराया जाएगा। मजार के खादिम जनाब शेख शमीम, शेख रहीम और शेख निजाम भाई ने जायरीनों से उर्स में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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