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मुख्यमंत्री साय के काफिले में बड़ा बदलाव, अब फॉर्च्यूनर की जगह बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो ने संभाली कमान…

हाइलाइट बॉक्स:

पुरानी गाड़ियों से परेशानी, सुरक्षा बनी प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में इन दिनों बड़ा बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है। राजधानी रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचने के दौरान उनके काफिले में नई गाड़ियों की एंट्री ने सभी का ध्यान खींचा। अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब उनकी जगह 6 नई महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ियों ने ले ली है। मुख्यमंत्री ने खुद बताया कि पुरानी गाड़ियां कई बार दौरे के दौरान रास्ते में बंद हो जाती थीं, जिससे सुरक्षा और समय दोनों प्रभावित होते थे।

नई गाड़ियों की एंट्री से बढ़ी हलचल

करीब ढाई साल बाद काफिले में हुए इस बदलाव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। भाजपा कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों में नई गाड़ियों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोग इन गाड़ियों के लुक, ताकत और सुरक्षा फीचर्स पर चर्चा करते नजर आए। यह बदलाव सिर्फ वाहनों का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।

हाईटेक सुरक्षा फीचर्स से लैस स्कॉर्पियो

काफिले में शामिल की गई नई स्कॉर्पियो गाड़ियां पूरी तरह बुलेटप्रूफ हैं और आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन्हें मजबूत बैलिस्टिक स्टील से तैयार किया गया है, जबकि खिड़कियों में मल्टी-लेयर मोटे ग्लास लगाए गए हैं, जो AK-47 जैसी राइफलों का भी सामना कर सकते हैं। इन गाड़ियों में ADAS सिस्टम, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, लेन असिस्ट, कैमरा और सेंसर जैसे फीचर्स मौजूद हैं। साथ ही 6 एयरबैग, दमदार इंजन और 7-सीटर क्षमता इन्हें वीआईपी मूवमेंट के लिए और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाती है।

सुरक्षा और तकनीक का संतुलन

अधिकारियों के अनुसार, इन गाड़ियों को विशेष रूप से वीआईपी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। काफिले में शामिल सभी वाहन आपस में संतुलित दूरी बनाए रखने और अचानक परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हैं। इससे मुख्यमंत्री की यात्रा अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।

जनता के बीच चर्चा और भरोसा

नई गाड़ियों के शामिल होने से जहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, वहीं आम लोगों के बीच भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह बदलाव सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है, जिसमें सुरक्षा, तकनीक और विश्वसनीयता को महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में यह कदम राज्य में वीआईपी मूवमेंट के नए मानक तय कर सकता है।

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