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बजट सत्र का अहम दिन: प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 2026-27 बजट पर गरमाएगा विधानसभा सदन…

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट्स

प्रश्नकाल से होगी दिन की शुरुआत

रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार 16 मार्च का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से प्रारंभ होगी, जिसमें विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे और संबंधित मंत्री इन प्रश्नों का उत्तर देंगे। आमतौर पर प्रश्नकाल को लोकतांत्रिक जवाबदेही का सबसे अहम मंच माना जाता है, जहां विपक्ष सरकार की योजनाओं, नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाकर जवाब मांगता है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति से सदन को अवगत कराती है।

नियम 138 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

सदन में नियम 138(1) के तहत दो महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाए जाएंगे, जिनसे कुछ विभागीय व्यवस्थाओं पर चर्चा तेज होने की संभावना है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा सामग्री आपूर्ति में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाएंगे और ग्रामोद्योग मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे। वहीं विधायक बलेश्वर साहू मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए श्रम विभाग से स्पष्टीकरण मांगेंगे। इन प्रस्तावों के जरिए संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर चर्चा होने की उम्मीद है।

जनहित से जुड़ी याचिकाओं पर भी होगी चर्चा

विधानसभा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मांगें प्रमुख हैं। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में उप पंजीयक कार्यालय भवन और पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा मोहला-मानपुर क्षेत्र में आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास की स्थापना, सहकारी बैंक की नई शाखा खोलने और जिला मुख्यालय में बीएड कॉलेज शुरू करने का प्रस्ताव भी सदन में रखा जाएगा। वहीं बिलासपुर क्षेत्र में पुलिया निर्माण और उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने से जुड़ी मांगों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

बजट 2026-27 की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा

सदन की कार्यवाही के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की विभिन्न विभागों से जुड़ी अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से संबंधित विभागों में अनुसूचित जाति कल्याण, पंचायत संस्थाओं को वित्तीय सहायता तथा कौशल विकास विभाग की योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप से जुड़े विभागों—वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, राज्य विधान मंडल और परिवहन विभाग—की अनुदान मांगों पर भी सदन में विचार-विमर्श किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के विभागों के बजट पर भी नजर

विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जुड़े प्रमुख विभागों के बजट प्रावधानों पर भी चर्चा होने वाली है। इनमें सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, खनिज संसाधन, जनसंपर्क, जल संसाधन, लघु सिंचाई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सुशासन एवं अभिसरण विभाग की अनुदान मांगें शामिल हैं। इन विभागों का बजट राज्य के प्रशासनिक ढांचे, विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना से सीधे जुड़ा होने के कारण चर्चा का केंद्र बन सकता है।

सत्ता और विपक्ष के बीच बहस के आसार

बजट सत्र के इस महत्वपूर्ण दिन सदन का माहौल राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष जहां बजट प्रावधानों, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय खर्चों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना सकता है, वहीं सत्ता पक्ष अपने बजट को विकासोन्मुख बताते हुए योजनाओं की उपलब्धियां गिनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में प्रश्नकाल से लेकर बजट चर्चा तक सदन में तीखी बहस और राजनीतिक तकरार देखने को मिल सकती है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी रहेंगी।

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