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केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी की ओर बढ़ते अमित कुमार, ED में स्पेशल डायरेक्टर बनने की चर्चा तेज

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट बॉक्स

एम्पैनलमेंट के बाद बढ़ी चर्चाएँ

रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत अमित कुमार को केंद्र सरकार द्वारा ADG रैंक या समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल किए जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएँ तेज हो गई हैं। अधिकारियों और जानकारों के बीच यह माना जा रहा है कि उनके अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें जल्द ही केंद्र में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए बुलाया जा सकता है।

ED में बड़ी भूमिका की अटकलें

दिल्ली और रायपुर के सत्ता गलियारों में यह चर्चा भी सामने आ रही है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) में स्पेशल डायरेक्टर जैसे अहम पद पर उनकी संभावित नियुक्ति हो सकती है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि 1998 बैच के इस अधिकारी का हालिया एम्पैनलमेंट केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के रास्ते को और मजबूत करता है। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1998 बैच के लगभग 30 आईपीएस अधिकारियों को ADG या समकक्ष पदों के लिए मंजूरी दी है, जिनमें अमित कुमार का नाम प्रमुखता से शामिल है।

वर्तमान में ADG इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी

अमित कुमार इस समय छत्तीसगढ़ पुलिस में ADG (इंटेलिजेंस) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं। जनवरी 2024 में उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी और तब से राज्य की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया समन्वय और संवेदनशील मामलों की निगरानी से जुड़े कई अहम दायित्व निभा रहे हैं। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जिलों और नक्सल क्षेत्रों में लंबा अनुभव

अपने लंबे प्रशासनिक और पुलिसिंग करियर में अमित कुमार ने रायपुर, राजनांदगांव, बीजापुर, जांजगीर-चांपा और दुर्ग जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तैनाती के दौरान किए गए ऑपरेशन और प्रशासनिक नेतृत्व को भी काफी सराहना मिली थी। उनके सहयोगियों के अनुसार, वे सख्त लेकिन निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

CBI अनुभव और आगे की संभावनाएँ

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान अमित कुमार CBI में संयुक्त निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच का नेतृत्व किया था। यही वजह है कि केंद्रीय एजेंसियों में उनके अनुभव को काफी अहम माना जाता है। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है, लेकिन फिलहाल यह एम्पैनलमेंट उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

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