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दुर्ग में अवैध अफीम खेती के बाद प्रशासन सख्त, फार्म हाउसों की सघन जांच शुरू…

दुर्ग / छत्तीसगढ़

हाइलाइट्स

समोदा में अवैध खेती का खुलासा, प्रशासन में हड़कंप

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मक्के की फसल की आड़ में करीब 5 से 6 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती किए जाने का खुलासा होने से जिले में हड़कंप मच गया। इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक तांबरकर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान करीब 8 करोड़ रुपए कीमत की अफीम जब्त की गई, वहीं खेतों में लगे सभी पौधों को उखाड़कर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया, जिन्हें जल्द ही नष्ट किया जाएगा।

फार्म हाउस और बड़े कृषि फार्मों की सघन जांच शुरू

घटना के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिले भर में बड़े कृषि फार्मों और फार्म हाउसों की जांच तेज कर दी गई है। तहसीलदार, पटवारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर खेतों और फार्म हाउसों का बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन का मानना है कि कई फार्म हाउस पूरी तरह फेंसिंग से घिरे रहते हैं, जहां बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित होती है। ऐसे स्थानों पर अवैध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

कलेक्टर की अपील: संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि समोदा में जिस तरह फार्म हाउस के अंदर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी, उसी तरह अन्य स्थानों पर भी ऐसी गतिविधियों से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सभी राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के बड़े-बड़े फार्म हाउसों की नियमित जांच करें और किसी भी संदिग्ध फसल या गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।

जनता की भूमिका भी अहम

प्रशासन ने इस पूरे मामले में आम नागरिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया है। कलेक्टर ने जिले के लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की खेती या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय रहते मिली सूचना से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मामला विधानसभा तक पहुंचा, जांच जारी

समोदा में पकड़ी गई अवैध अफीम खेती का मामला अब जिले से निकलकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। इसकी गूंज विधानसभा तक सुनाई देने लगी है। पुलिस और प्रशासन दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है, वहीं अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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