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रायपुर विधानसभा में आज बजट सत्र की अहम कार्यवाही, कई विभागों की अनुदान मांगों पर होगी चर्चा…

रायपुर / छत्तीसगढ़ /विधानसभा

हाइलाइट बॉक्स:

प्रश्नकाल से होगी दिन की शुरुआत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार 9 मार्च को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विधानसभा सदस्य विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और संबंधित मंत्री उनका जवाब देंगे। प्रश्नकाल के माध्यम से सरकार की योजनाओं, विभागीय कार्यप्रणाली और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान कई अहम विषयों पर सदन में बहस भी देखने को मिल सकती है।

सदन के पटल पर रखी जाएंगी वार्षिक रिपोर्ट

प्रश्नकाल के बाद विभिन्न विभागों और संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्टें सदन के पटल पर प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत वार्षिक प्रतिवेदन, सहकारी संस्थाओं से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट शामिल है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की वार्षिक रिपोर्ट तथा छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरण भी सदन के सामने रखे जाएंगे।

नियम 138 के तहत उठेंगे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

सदन की कार्यवाही के दौरान नियम 138 के तहत दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे। पहले प्रस्ताव में प्रदेश में वन अधिकार पट्टों के वितरण में हो रही देरी को लेकर आदिम जाति विकास मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। वहीं दूसरे प्रस्ताव में राज्य में स्थापित कुछ कारखानों द्वारा उद्योग नीति के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से जवाब मांगा जाएगा।

2026-27 के बजट पर विभागीय चर्चा

बजट सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित है। इनमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के सड़क और पुल कार्यों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा खेल एवं युवक कल्याण विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के भवन निर्माण कार्यों से संबंधित अनुदान मांगों पर भी सदन में विचार किया जाएगा।

पुलिस, जेल और पंचायत विभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में

सदन में गृह विभाग से जुड़े पुलिस, जेल और अन्य प्रशासनिक व्यय से संबंधित मांगों पर भी चर्चा होगी। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी सदन में विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। माना जा रहा है कि इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच अहम बहस देखने को मिल सकती है।

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