Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

रायपुर में शिया समुदाय का प्रदर्शन: खामनेई की मौत पर गम और विरोध…

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट्स:

राजधानी में शोक और आक्रोश का माहौल

ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की कथित मौत के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में शिया मुसलमानों के बीच गम और नाराजगी का माहौल देखा गया। शहर के मोमिनपारा इलाके में लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध जताते हुए पोस्टर लगाए। इन पोस्टरों में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की तस्वीरों के साथ ‘डाउन टू अमेरिका’ और ‘डाउन टू इजरायल’ जैसे नारे लिखे गए। कई स्थानों पर पोस्टरों पर स्याही फेंकी गई और राहगीरों ने उन्हें पैरों से रौंदकर विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन भावनात्मक रूप से बेहद तीव्र रहा।

इमामबाड़ों में मजलिस और शोक सभा

रायपुर के शिया बहुल क्षेत्रों मोमिनपारा और पंडरी में समुदाय के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर विशेष मजलिस आयोजित की गई, जहां खामनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन व नेतृत्व को याद किया गया। पंडरी स्थित इमाम बारगाह में ईरानी मूल के समुदाय के लोगों ने सामूहिक प्रार्थना की और शोक सभा का आयोजन किया। खोजा जमात के सदस्यों ने भी अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वक्ताओं ने संयम और शांति बनाए रखने की अपील की, साथ ही अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की।

वैश्विक घटना का स्थानीय असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटित इस घटना का असर स्थानीय समुदायों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीति और धार्मिक नेतृत्व से जुड़ी घटनाएं प्रवासी और वैचारिक रूप से जुड़े समुदायों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। रायपुर में हुए कार्यक्रमों के दौरान पुलिस और प्रशासन सतर्क रहे, हालांकि किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह विरोध शोक और भावनात्मक प्रतिक्रिया का प्रतीक है, और उनका उद्देश्य अपनी संवेदनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करना था।

ख़बरें और भी…

Exit mobile version