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राज्यपाल के अभिभाषण के अगले ही दिन बजट पेश, गरिमा पर उठे सवाल: भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा हमला…

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट्स

अभिभाषण की परंपरा पर प्रश्नचिह्न

भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के ठीक अगले दिन बजट प्रस्तुत करना संसदीय परंपराओं की गरिमा को कमज़ोर करता है। उनका आरोप है कि इस कदम से अभिभाषण की न केवल औपचारिक महत्ता घटाई गई है, बल्कि उसके अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण सरकार की नीतिगत दिशा का दस्तावेज़ होता है, जिस पर गंभीर चर्चा अपेक्षित है, लेकिन समय न देकर सरकार ने उसे औपचारिकता भर बना दिया है।

“कॉपी-पेस्ट बजट” का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यदि पिछले दो वर्षों के बजट दस्तावेज़ों को निकालकर देखा जाए तो उनमें केवल आंकड़ों में मामूली बदलाव है, शेष घोषणाएँ और योजनाएँ लगभग वही हैं। उनके अनुसार, सरकार नए विज़न और ठोस नीतिगत नवाचार प्रस्तुत करने में विफल रही है। बघेल ने इसे “कॉपी-पेस्ट बजट” की संज्ञा देते हुए कहा कि राज्य की मौजूदा सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के अनुरूप नई पहल दिखाई नहीं देती।

सियासी बयानबाज़ी तेज, सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की जल्दबाज़ी और गंभीरता की कमी बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान इन आरोपों पर विस्तृत बहस संभव है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि सरकार के पास वास्तव में कोई नई नीति-परिकल्पना है या नहीं।

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