मुंबई/भारत
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने केंद्र सरकार के ‘सहयोग’ पोर्टल और उससे जुड़े आईटी नियमों की वैधता को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने दावा किया है कि यह पोर्टल और मौजूदा नियम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन करते हैं और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के विपरीत हैं।
कामरा का तर्क है कि ‘सहयोग’ पोर्टल के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को “पूरी तरह से अस्पष्ट और व्यापक आधारों” पर कंटेंट हटाने या ब्लॉक करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इससे सरकार को मनमानी शक्ति मिलती है, जिसका दुरुपयोग असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए किया जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि नियमों में स्पष्ट प्रक्रिया और पारदर्शिता का अभाव है।
उन्होंने अदालत से मांग की है कि इन प्रावधानों की संवैधानिक समीक्षा की जाए और तब तक इनके क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए, ताकि नागरिकों की डिजिटल स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
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