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पूरे दिन की थकान कहीं शरीर की पुकार तो नहीं? विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी दे रही है खतरे की घंटी…

काम के बाद थक जाना बहुत आम बात है—हम सब इसे महसूस करते हैं। लेकिन जब यही थकान सुबह आंख खुलते ही साथ चलने लगे और रात तक पीछा न छोड़े, तो यह सामान्य नहीं रह जाती। यह शरीर का वह संकेत हो सकता है, जिसे हम अक्सर भागदौड़ में अनसुना कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार और बार-बार होने वाली थकान शरीर की कमजोरी का शुरुआती अलार्म है, और इसका सबसे बड़ा कारण विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी हो सकता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स शरीर के लिए वही काम करता है, जो इंजन के लिए ईंधन—भोजन को ऊर्जा में बदलने का, ताकि शरीर सुचारू रूप से काम कर सके।

थकान के पीछे छिपे 8 ऊर्जा स्रोत

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स एक अकेला विटामिन नहीं, बल्कि 8 अलग-अलग विटामिन का समूह है—बी-1, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, बी-7, बी-9 और बी-12। इन सभी का काम अलग है, लेकिन उद्देश्य एक—शरीर को ऊर्जा देना। अगर इनमें से किसी एक की भी कमी होती है, तो असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता। बाल झड़ना, चक्कर आना, त्वचा संबंधी समस्याएं, याददाश्त कमजोर होना, हाथ-पैरों में झुनझुनी, आंखों की रोशनी में कमी, एनीमिया, डिप्रेशन और मानसिक थकावट जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। कई बार लोग इन समस्याओं को अलग-अलग कारणों से जोड़ते हैं, जबकि जड़ एक ही हो सकती है—ऊर्जा निर्माण प्रणाली में आई कमी।

खान-पान से लेकर जीवनशैली तक—क्या बदलें

शाकाहारी आहार में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों, दूध-दही, साबुत अनाज और कुछ फलों में मिलता है। वहीं मांसाहारी भोजन में अंडा, मछली, मांस और चिकन इसके अच्छे स्रोत हैं। लेकिन सिर्फ इन्हें खाना ही काफी नहीं—शरीर में इसका सही अवशोषण भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि चाय-कॉफी का सेवन कम किया जाए, डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी रखी जाए और संतुलित आहार को प्राथमिकता दी जाए। अगर फिर भी कमजोरी बनी रहती है, तो सप्लीमेंट का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही शुरू करना सुरक्षित और सही कदम माना जाता है।

दिन का संदेश

थकान शरीर की भाषा है, और जब यह बार-बार दोहराई जाए, तो यह संदेश बन जाती है। ऊर्जा के इस ‘हाउस’ को मजबूत रखना सिर्फ शारीरिक सक्रियता के लिए नहीं, बल्कि मन, त्वचा, बाल, रक्त और मस्तिष्क की सेहत के लिए भी जरूरी है। छोटी-सी जीवनशैली में बदलाव और सही पोषण की आदतें इस कमी को संतुलन में ला सकती हैं, जिससे दिन हल्का और शरीर जीवंत महसूस करने लगेगा।

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