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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विरोधी बंद: व्यापारिक संगठनों का समर्थन, पूरा प्रदेश प्रभावित…

रायपुर / छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ बंद की मुख्य वजह और व्यापारिक समर्थन

रायपुर। धर्मांतरण एवं उससे जुड़े विवाद को लेकर 24 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ में सम्पूर्ण बंद (Bandh) बुलाया गया है। इस बंद का मुख्य कारण हाल में कांकेर जिले के आमाबेड़ा गांव में धर्मांतरण तथा हमले के आरोपों के खिलाफ उत्पन्न तनाव है, जिसके विरोध में सर्व समाज छत्तीसगढ़ (Sarv Samaj, Chhattisgarh) ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बंद को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) समेत रायपुर सराफा एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ सराफा संगठन और अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि राज्य में धर्मांतरण की घटनाएं शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन रही हैं, और प्रशासन द्वारा इस मुद्दे पर अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने को लेकर गहरा रोष है।

बंद का स्वरूप और व्यापारिक संगठन क्या कह रहे हैं

व्यापारिक संगठनों की बैठक रायपुर में आयोजित हुई, जिसमें चेंबर के पदाधिकारियों और सराफा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बंद को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बंद का संदेश स्पष्ट, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से दिया जाए ताकि व्यापारी वर्ग और आम जनता दोनों अपना मत व्यक्त कर सकें, लेकिन आर्थिक गतिविधियों पर कम से कम नकारात्मक प्रभाव पड़े। संगठन ने कहा कि बंद के दौरान मुख्य बाजार, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे और विरोध प्रदर्शन को व्यापारिक समुदाय के व्यापक समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

बंद का प्रभाव और सामाजिक प्रतिक्रिया

बंद का आह्वान प्रदेशभर में सामाजिक और जनजीवनगत रूप से व्यापक प्रतिक्रिया पैदा कर रहा है। विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन और व्यापारी संघ बंद के समर्थन में अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन से धर्मांतरण विरोधी घटनाओं पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ व्यापारिक संगठनों ने यह भी कहा है कि बंद का मुख्य उद्देश्य सामाजिक शांति एवं सद्भाव बनाए रखना है, न कि किसी एक समुदाय के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देना। फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में दुकानें बंद हैं और व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित रही हैं।

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