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मामा–भांजा की आपराधिक तिकड़ी का आतंक; पत्रकार दम्पत्ति को जान से मारने की धमकी, हत्या की साजिश के ठोस सबूत; पुलिस की ढिलाई से अपराधियों के हौसले बुलंद…

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़


बिलासपुर जिले में निर्भीक पत्रकारिता को दबाने का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। कोयला साइडिंग, कोल वॉशरी और कोल डिपो से जुड़े मामलों में तथ्यात्मक समाचार प्रकाशित किए जाने से नाराज़ आपराधिक प्रवृत्ति के मामा–भांजा की एक तिकड़ी पर एक पत्रकार दम्पत्ति को जान से मारने की धमकी देने और हत्या की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि ठोस सबूत उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस द्वारा कठोर और गैर-जमानतीय धाराएं नहीं लगाए जाने से आरोपियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

पत्रकार दम्पत्ति ने दर्ज कराई नामजद शिकायत
जयरामनगर निवासी डी.पी. गोस्वामी, जो दैनिक नया इंडिया, न्यू इंडिया टाइम्स वेबसाइट एवं एक राष्ट्रीय हिंदी डिजिटल पोर्टल के ब्यूरो चीफ हैं, तथा उनकी पत्नी दिव्या पुरी गोस्वामी (पत्रकार) ने थाना मस्तूरी में इस संबंध में नामजद शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजय पांडेय, विकास तिवारी और अनुराग तिवारी (निवासी जयरामनगर, थाना मस्तूरी) ने कोयला कारोबार से जुड़े समाचारों से क्षुब्ध होकर पत्रकार दम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची और लगातार धमकियां दीं।

समाचार से बौखलाहट और साजिश के आरोप
पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने कोल वॉशरी, कोल साइडिंग, कोल डिपो तथा इससे जुड़े मामलों में प्रभावित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी से आहत होकर कथित तौर पर कोल कारोबार से जुड़े प्रभावशाली तत्वों ने आरोपियों को उकसाया। इसके बाद सोशल मीडिया ग्रुप में अश्लील भाषा, घर में घुसकर हत्या की धमकी, हथियार दिखाकर डराने और भय का वातावरण बनाने जैसी घटनाएं सामने आईं।

एफआईआर दर्ज, लेकिन धाराएं मामूली
थाना मस्तूरी में इस मामले से जुड़े दो अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं—

अपराध क्रमांक 415/2025 (दिनांक 26.06.2025)अपराध क्रमांक 548/2025 (दिनांक 28.05.2025)
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 एवं 35 लगाए जाने की जानकारी है। पीड़ितों का कहना है कि जानलेवा धमकी, साजिश और हथियारों के प्रदर्शन जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद गैर-जमानतीय धाराएं नहीं जोड़ी गईं।

उच्चाधिकारियों से की गई शिकायत
पत्रकार दम्पत्ति ने इस पूरे मामले को लेकर गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस महानिदेशक, आईजी बिलासपुर एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, गैर-जमानतीय धाराएं जोड़ने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

यह मामला न केवल पत्रकारों की व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता के भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। समय रहते प्रभावी कार्रवाई न होने पर इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

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