रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
छत्तीसगढ़ सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 1009 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी दे दी है। इनमें से करीब 89% पद नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के लिए होंगे। राज्य में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
नए कॉलेजों के लिए सबसे ज्यादा पद स्वीकृत
राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 1009 पदों में से अधिकांश पद नए मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी कॉलेजों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह फैसला छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) की 51वीं बैठक में लिया गया।
नवीन नर्सिंग कॉलेजों और मेडिकल संस्थानों में स्टाफ की कमी लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी। अब इन नई नियुक्तियों से कॉलेजों में शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
कहां-कितने पद स्वीकृत हुए हैं
- नवीन नर्सिंग महाविद्यालय (कुल 9 कॉलेज): 378 पद
- 6 नवीन फिजियोथैरेपी कॉलेज: 216 पद
- नवीन मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी-जशपुर, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम): 300 पद
- सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर: 55 पद
- मेडिकल कॉलेज रायगढ़: 39 पद
- मेडिकल कॉलेज बिलासपुर: 20 पद
- मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (रेडियोथेरपी विभाग): 7 पद
- डीकेएस रायपुर: 1 पद
कुल पद: 1009
इनमें से लगभग 88.6% यानी 894 पद सिर्फ नए मेडिकल कॉलेजों के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
नए मेडिकल कॉलेजों को मिली हरी झंडी
छत्तीसगढ़ में इस समय 14 मेडिकल कॉलेज हैं — जिनमें 11 सरकारी, 3 निजी और 1 एम्स रायपुर शामिल है। राज्य सरकार ने हाल ही में चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी है। ये कॉलेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम (दंतेवाड़ा) में बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाला अस्पताल और बिलासपुर में आयुर्वेद कॉलेज व अस्पताल भवन के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई है।
1,390 करोड़ की परियोजनाओं पर जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
सरकार ने घोषणा की है कि इन छह नई स्वास्थ्य परियोजनाओं पर 1,390 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को मंजूरी मिल चुकी है और अब जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, “इन नई नियुक्तियों और निर्माण परियोजनाओं से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। ग्रामीण और पिछड़े जिलों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।”
विशेषज्ञ बोले – ‘स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव’
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह भर्ती केवल शिक्षण स्टाफ के लिए नहीं बल्कि तकनीकी, नर्सिंग और क्लिनिकल सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी है। आने वाले दो सालों में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य शिक्षा में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम रखेगा।”
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