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भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर अम्बिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी प्रतिभागियों का सम्मान…

हाईलाइट बॉक्स

कार्यक्रम तिथि 19 और 20 नवम्बर 2025 स्थान पीजी मैदानअम्बिकापुर छत्तीसगढ़ मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अवसर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस आयोजन की समीक्षा मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में नवा रायपुर में हुई बैठक।

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर अम्बिकापुर में होगा जनजातीय गौरव दिवस का भव्य उत्सव देशभर में 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिवस जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा । इसी उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर के पीजी मैदान में 19 और 20 नवम्बर को दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । इस ऐतिहासिक समारोह में 20 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को देशभर में विशेष रूप से मनाने का आह्वान किया है , ताकि जनजातीय नायकों के गौरवपूर्ण इतिहास और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके ।

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तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मिले दिशा-निर्देश छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई । बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा , आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर , संयुक्त सचिव बी.एस. राजपूत , अपर संचालक संजय गौड़ , और नोडल अधिकारी गायत्री नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे । बैठक में सरगुजा संभाग के सभी जिलों के सहायक आयुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया । सभी विभागों को कार्यक्रम की तैयारी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बने ।

🇮🇳 ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिरसा मुंडा का ‘उलगुलान’ बना जनजागरण का प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा ने अपने नेतृत्व में ‘उलगुलान’ महाक्रांति जैसे जनजातीय आंदोलनों से ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी । यह आंदोलन न केवल औपनिवेशिक अत्याचार के विरुद्ध था बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का भी प्रतीक बन गया । बिरसा मुंडा को जनजातीय समुदायों में ‘भगवान’ के रूप में पूजा जाता है , जिन्होंने अन्याय और शोषण के विरुद्ध अपनी जाति और समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया । उनके योगदान को नमन करने के लिए हर वर्ष 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है ।

जनजातीय पखवाड़ा दिवस और प्रतियोगिताओं में उमंग प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को यादगार बनाने के लिए 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक जनजातीय पखवाड़ा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है । इस दौरान ब्लॉक स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है , जिनमें आधार कार्ड , आयुष्मान कार्ड , और प्रधानमंत्री जनधन खाते खोले जा रहे हैं । 15 नवम्बर को जिला स्तर पर जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन होगा , जिसमें नृत्य-संगीत प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी । इन प्रतियोगिताओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की अंतिम प्रतियोगिता 19 नवम्बर को अम्बिकापुर में होगी । विजेताओं को 20 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया जाएगा , जो पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण होगा ।

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