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“जितना पढ़ेंगे, उतना समाज गढ़ेंगे” — अंबिकापुर में बाबा कार्तिक उरांव शताब्दी पर भूमि पूजन, चौक निर्माण को मिली मंजूरी…

अंबिकापुर में बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर भूमि पूजन करते मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, साथ में मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित।

हाइलाइट बॉक्स:

अंबिकापुर में बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी पर ऐतिहासिक भूमि पूजन समारोह

रायपुर, 29 अक्टूबर 2025 — जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी और राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी के अवसर पर आज अंबिकापुर में एक गरिमामय भूमि पूजन समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा कार्तिक उरांव के योगदानों को नमन करते हुए समाज में शिक्षा, एकता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जनजातीय समाज के गौरव और प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी संस्कृति, परंपरा और धर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने जनजातीय समाज को शिक्षा और संगठन के माध्यम से आगे बढ़ाने का जो अभियान चलाया, वह आज भी जनमानस में जीवित है।

“जितना पढ़ेंगे, उतना समाज गढ़ेंगे” – बाबा के विचारों से प्रेरित मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह वाक्य — “जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे” — आज के समय में भी उतना ही सार्थक है। उन्होंने कहा कि हमें बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों को अपनाकर शिक्षा और सामाजिक एकता के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले “बाबा कार्तिक उरांव चौक” का भूमि पूजन किया और ₹40.79 लाख की राशि की स्वीकृति की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि यह चौक न केवल एक स्मारक होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बाबा कार्तिक उरांव के विचारों से जोड़ने का प्रतीक बनेगा।

“बाबा कार्तिक उरांव – जनजागरण के अग्रदूत”

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने अपना पूरा जीवन समाज के उत्थान और विकास को समर्पित किया। उन्होंने समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। नेताम ने कहा कि आज का यह आयोजन हमें उनके आदर्शों को दोहराने और नई पीढ़ी को उनकी विरासत से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने हमेशा समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलें और समाज को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि जनजातीय समाज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

समाज के लिए प्रेरणा बनेगा बाबा कार्तिक उरांव चौक

इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भूमि पूजन के दौरान पूरा परिसर श्रद्धा, संस्कृति और प्रेरणा से ओतप्रोत हो उठा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “बाबा कार्तिक उरांव का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा ही वह आधार है जो समाज को संगठित और सशक्त बनाती है। हमें उनके पदचिह्नों पर चलकर एक शिक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।”

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