Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

ओंकारेश्वर में फिर दिखा मगरमच्छ! श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप, वन विभाग अलर्ट — क्या नर्मदा में बढ़ रही है मगरों की संख्या?

ओंकारेश्वर घाट पर नाविकों की सतर्कता से पकड़ा गया मगरमच्छ का बच्चा, मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम।

हाइलाइट बॉक्स:

ओंकारेश्वर घाट पर मचा हड़कंप, श्रद्धालुओं ने देखा मगरमच्छ का बच्चा

ओंकारेश्वर। मध्यप्रदेश की पवित्र तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सोमवार सुबह घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में एक मगरमच्छ के बच्चे को देखा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने तुरंत अपनी नावें किनारे लगाईं और सुरक्षित स्थान की ओर हट गए।

नाविक मुकेश वर्मा ने साहस दिखाते हुए मगरमच्छ के बच्चे को सावधानीपूर्वक पकड़ लिया और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ देर बाद ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चे को अपने संरक्षण में ले लिया। विभाग ने बताया कि उसे जल्द ही सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा ताकि किसी को खतरा न हो।

नर्मदा नदी में बढ़ रही मगरमच्छों की मौजूदगी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से नर्मदा नदी के घाट क्षेत्र और झाड़ियों के आसपास मगरमच्छों की संख्या बढ़ी है। पहले भी इसी घाट क्षेत्र में एक वयस्क मगरमच्छ दिखाई दिया था, जिसके बाद अब यह दूसरी घटना है।
लोगों ने बताया कि अक्सर ये मगरमच्छ घाट की चट्टानों और जल किनारों पर धूप सेंकते हुए देखे जाते हैं। इससे तीर्थयात्रियों और स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं में भय का माहौल बना हुआ है।

प्रशासन और वन विभाग सतर्क, श्रद्धालुओं से की अपील

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घाटों के किनारे बहुत दूर तक पानी में न जाएं और किसी भी जलीय जीव को देखने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ प्राकृतिक पारिस्थितिकी का हिस्सा हैं, लेकिन मानव सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।

प्रशासन ने घाट क्षेत्र में सुरक्षा संकेतक बोर्ड, चेतावनी पट्टिकाएं और निगरानी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके। तीर्थ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

नर्मदा तट पर वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता

विशेषज्ञों का मानना है कि नर्मदा नदी में जलस्तर और पारिस्थितिकी संतुलन में बदलाव के कारण मगरमच्छों की सक्रियता बढ़ रही है। नदी किनारों पर भोजन और आवास की अनुकूल परिस्थितियों के चलते वे इन क्षेत्रों में बार-बार देखे जा रहे हैं।
ओंकारेश्वर जैसे पवित्र तीर्थस्थल में यह नई परिस्थिति वन्यजीव संरक्षण और तीर्थ सुरक्षा — दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

खबरे और भी…

Exit mobile version