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छत्तीसगढ़ में भूमि पंजीयन प्रक्रिया अब और सरल, ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता खत्म…

रायपुर: राज्य शासन ने भूमि पंजीयन प्रक्रिया में बड़ी छूट देते हुए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस जानकारी को स्वयं राजस्व मंत्री टंकराम ने साझा किया। मंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य भूमि पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।

इस फैसले का स्वागत करते हुए रायपुर जिला पंचायत में सांसद के प्रतिनिधि और भाजपा नेता अनिल अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि कई बार दस्तावेजों की अनुपलब्धता या त्रुटियों के कारण भूमि पंजीयन में विलंब होता था और ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता इस परेशानी को और बढ़ा देती थी।

अब इस बदलाव के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक भूमि पंजीयन कराते समय अनावश्यक झंझट से बचेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि जमीन की खरीद-बिक्री और पंजीकरण में पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।

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