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क्या झारखंड बन रहा है नकली शराब का गढ़? सरायकेला-खरसावां में अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़…

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाथी मारा गांव में संचालित अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से भारत में निर्मित विदेशी शराब (IMFL) के नाम पर लाखों रुपये की नकली शराब जब्त की गई और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव के एक घर में नकली शराब तैयार की जा रही है। बुधवार को छापेमारी में पुलिस ने घर के अंदर बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें, खाली शीशियां, नकली ब्रांड स्टिकर और पैकिंग सामग्री बरामद की |

14 लाख रुपये की नकली शराब जब्त
पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि जब्त की गई नकली शराब की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपये है। यह उत्पाद अलग-अलग बाजारों में विदेशी शराब के नाम पर सप्लाई की जानी थी।

दो आरोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की आशंका
मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में संकेत मिले हैं कि इस धंधे का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब सप्लाई चैन और पीछे के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश में है।

कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
आरोपियों पर झारखंड आबकारी अधिनियम 1915 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें अवैध उत्पादन, धोखाधड़ी और जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं।

जनता को स्वास्थ्य का खतरा
नकली शराब सिर्फ कानून के खिलाफ नहीं, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी जोखिम भरी होती है। ऐसे मामलों में मिलावट से कई गंभीर दुर्घटनाएं और मौतें भी सामने आती रही हैं।

पुलिस की अपील

हाइलाइट बॉक्स: बरामदगी एक नज़र में

पुलिस की इस कार्रवाई ने नकली शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ा संदेश दिया है। लेकिन असली चुनौती उन नेटवर्कों को खत्म करना है, जो झारखंड को अवैध शराब के हब में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

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