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नवरात्रि का तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा की उपासना

नवरात्रि का प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित होता है। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है, और इस दिन देवी के तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की उपासना की जाती है। माँ चंद्रघंटा को शांति, साहस और सौम्यता की देवी माना गया है।

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप

कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती का विवाह जब भगवान शिव से हुआ, तब उन्होंने अपने इस चंद्रघंटा स्वरूप को धारण किया। दैत्यों के अत्याचार से जब देवता व्याकुल हुए, तो माँ ने अपने रौद्र रूप से उनका संहार किया और देवताओं की रक्षा की।

उपासना विधि:

महत्व और फल

माँ चंद्रघंटा की उपासना से –

सामाजिक संदेश:

नवरात्रि का तीसरा दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, हमें धैर्य और साहस से उनका सामना करना चाहिए। माँ चंद्रघंटा का स्वरूप वीरता के साथ-साथ शांति और करुणा का भी प्रतीक है।

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