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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर ननों की गिरफ्तारी, युवती ने बताया जबरन लिया गया बयान, केरल के सांसदों ने की जेल में मुलाकात…

जगदलपुर : 01 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से 25 जुलाई को मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार की गई दो कैथोलिक ननों के मामले में नया मोड़ आया है। नारायणपुर की एक युवती कमलेश्वरी प्रधान, जो ननों के साथ थी, ने कहा है कि वह अपनी मर्जी से आगरा जा रही थी। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसे पीटकर जबरन बयान दिलवाया।

कमलेश्वरी ने बताया कि उसका परिवार पिछले 5-6 साल से ईसाई धर्म अपना चुका है। वह आगरा में सिस्टरों के साथ अस्पताल में मरीजों की देखरेख और खाना बनाने के काम के लिए जा रही थी। उसने जबरन धर्मांतरण के आरोपों को खारिज किया।

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इस मामले में राजनीतिक रंग भी चढ़ गया है। केरल से आए पांच सांसदों और CPM महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष पीके श्रीमती सहित कई नेताओं ने दुर्ग जेल में बंद ननों वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी से मुलाकात की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इस मामले में सक्रिय हैं और रायपुर में विरोध प्रदर्शन की योजना है।

उधर, कोर्ट ने ननों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब मामला NIA कोर्ट में जाएगा। बीजेपी सांसद विजय बघेल ने संसद में कहा कि आदिवासी बेटियों की रक्षा जरूरी है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे ईसाई समुदाय को निशाना बनाने की साजिश बताया है।

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