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पैदायशी टेढ़े मेढ़े पैरों वाले बच्चों पर एम्स में चल रहा रिसर्च…

रायपुर: 16 जुलाई 20’25

एम्स (AIIMS) में जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले बच्चों (clubfoot) पर रिसर्च चल रही है। इस रिसर्च में, जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों की समस्या, जिसे क्लबफुट भी कहा जाता है, के कारणों, निदान, और उपचार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। एम्स के डॉक्टर, जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों के कारणों को समझने और प्रभावी उपचार प्रदान करने के लिए, विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन कर रहे हैं। 

रिसर्च के मुख्य बिंदु:

क्लबफुट (जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर):

जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के पैर अंदर की ओर मुड़े हुए होते हैं।
यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान या जन्म के समय हो सकती है।
सही समय पर इलाज न होने पर, यह स्थिति बच्चे के चलने और दौड़ने में कठिनाई पैदा कर सकती है। 

एम्स में चल रहे इस रिसर्च का उद्देश्य, जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित बच्चों के जीवन को बेहतर बनाना है।
इस रिसर्च के माध्यम से, डॉक्टरों को इस स्थिति के कारणों और प्रभावी उपचारों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त होगी, जिससे बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सकेगा। 

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