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शिक्षा की ओर लौटी उम्मीद,भांसी में अब गोलियों की गूंज नहीं, गूंज रही एबीसीडी और ककहरे की आवाज…

दंतेवाड़ा : 15 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का भांसी क्षेत्र, जो कभी नक्सल हिंसा का गढ़ माना जाता था, आज शिक्षा की रोशनी से चमक रहा है। भांसी-मासापारा में स्थित स्कूल, जिसे पहले नक्सलियों ने तोड़ दिया था, अब उसी स्कूल की नींव आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने अपने हाथों से रखी है। यह बदलाव लोन वर्राटू अभियान की सफलता का परिणाम है, जिसके अंतर्गत बीते चार वर्षों में 1,000 से अधिक नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण किया है। आज उनके बच्चे अन्य ग्रामीण बच्चों के साथ बेझिझक पढ़ाई कर रहे हैं।

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जिला प्रशासन इन बच्चों को पढ़ाई में हर संभव सहायता दे रहा है — मुफ्त किताबें, ड्रेस और अन्य ज़रूरी संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि शिक्षा की राह में कोई बाधा न आए।

भांसी स्कूल के शिक्षक केशव ध्रुव बताते हैं, पहले यहां स्कूल को नक्सलियों ने तहस-नहस कर दिया था, लेकिन अब उन्हीं में से कई लोगों ने नई शुरुआत की है और बच्चों के लिए बेहतर भविष्य की नींव रखी है। एक आत्मसमर्पित नक्सली भावुक होकर कहता है, “पहले हमने बंदूक थामी थी, आज हमारे बच्चे कलम थाम रहे हैं। यही असली बदलाव है।”

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