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पामगढ़ स्वास्थ्य केंद्र फिर विवादों मेंकंप्यूटर ऑपरेटर ने उप सरपंच और पत्रकारों से की बदसलूकी, आमजन और जनप्रतिनिधियों में रोष…

जांजगीर चांपा : 11 जुलाई 2025

सरकारी अस्पतालों में मनमानी और लापरवाही के मामलों पर लगाम नहीं लग रही है। पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ कर्मचारियों की अभद्रता और गैरजिम्मेदाराना रवैये से न सिर्फ आम नागरिक बल्कि जनप्रतिनिधि और मीडिया कर्मी भी परेशान हैं।

ताज़ा मामला ग्राम पंचायत मेऊ का है, जहाँ के उप सरपंच रोहित लहरें ने अपने गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने के लिए पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवेदन देने पहुंचे थे। आवेदन पर औपचारिक मुहर लगवाने के दौरान उन्होंने संबंधित कर्मचारी से जानकारी मांगी, जिस पर केंद्र में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर दुर्गा सिंह ने उन्हें अपशब्द कहे और बदसलूकी शुरू कर दी।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब पत्रकारों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया। इस पर दुर्गा सिंह ने पत्रकारों को “दो कौड़ी के” कहकर अपमानित किया और खुलेआम चुनौती देने लगी—“जो चलाना है, वो चला लो!”

यह कोई पहला मामला नहीं है जब पामगढ़ स्वास्थ्य केंद्र विवादों में आया हो। पूर्व में भी यहां लापरवाही से इलाज, मरीजों से दुर्व्यवहार और संवेदनहीनता के कई मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में अफसरशाही और बदतमीजी आम हो चुकी है। कई बार शिकायतें भी की गईं लेकिन अब तक न तो स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया, न ही पामगढ़ BMO की ओर से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

जनप्रतिनिधियों और मीडिया की उपेक्षा चिंताजनक
एक ओर राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसे घटनाक्रम इस व्यवस्था की पोल खोलते हैं। जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि जनता के बीच सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अविश्वास भी पैदा करता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर तत्काल निलंबन और जांच की जाए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में अनुशासन और जनसंवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय निगरानी तंत्र बनाया जाए।

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