Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

जगदलपुर में 1.15 करोड़ का सायबर फ्रॉड: पुलिस ने मुंबई से पकड़े 6 आरोपी, 70 एटीएम कार्ड और लाखों की नकदी बरामद…

जगदलपुर, बस्तर: 04 जुलाई 2025

जिले में सायबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन बस्तर पुलिस भी इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रही है। हाल ही में हुए 1.15 करोड़ रुपए के सायबर फ्रॉड के मामले में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में छह आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़ी मात्रा में नकद राशि, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन समेत फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

फ्रॉड की शुरुआत: फर्जी कस्टमर केयर बन किया हमला

जगदलपुर सीएसपी आकाश श्रीश्रीमाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह धोखाधड़ी बोधघाट थाना क्षेत्र के तिरंगा चौक निवासी अमलेश कुमार के साथ 21 जनवरी को हुई थी। अमलेश को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और लोन देने का झांसा दिया। हालांकि अमलेश ने लोन में रुचि नहीं दिखाई और कॉल काट दिया। शाम को करीब 4:18 बजे अमलेश के मोबाइल पर अचानक ओटीपी आने लगे। थोड़ी ही देर में उसके खाते से 500, 40,000, 500 और 34,000 रुपए की अलग-अलग ट्रांजेक्शन का मैसेज आया। जब उसने बैंक जाकर पता लगाया तो सामने आया कि उसके नाम पर नेट बैंकिंग के जरिए 733013 रुपए का लोन लेकर अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया है, जबकि उसने कभी लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था।

छह आरोपी गिरफ्तार, 1.15 करोड़ का खुलासा

अमलेश की रिपोर्ट पर बोधघाट थाने में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच में विभिन्न बैंकों की मदद से पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर ली और टीमों को मुंबई और झारखंड रवाना किया गया।पुलिस ने सबसे पहले तीन आरोपियों –अब्दुल मजीद (45), निवासी झारखंड,कार्तिकेय राय उर्फ सत्यम (20), निवासी महाराष्ट्र संतोष कुमार (41), निवासी महाराष्ट्र को मुंबई से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक एपीके फाइल (मोबाइल एप इंस्टॉलेशन फाइल) के माध्यम से पीड़ित के मेल आईडी और बैंक खाते में सेंध लगाई और लोन लेकर राशि को अपने जान-पहचान वालों के फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया। जांच में सामने आया कि इन लोगों ने 116 से अधिक फर्जी बैंक खातों के जरिए कुल 1 करोड़ 15 लाख रुपए का सायबर फ्रॉड किया है।

बरामदगी में कई अहम सुराग:

पहले तीन आरोपियों से पुलिस ने बरामद किया:13 मोबाइल फोन,70 से अधिक एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड,1 लाख 25 हजार रुपए नकद,5 सिम कार्ड, 2 पेन कार्ड, 4 आधार कार्ड, 8 चेक बुक1 बॉयोमेट्रिक थम्ब मशीन और 1 एटीएम स्वैप मशीन | इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि गिरोह के तीन और सदस्य मुंबई में सक्रिय हैं। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया |मो. इमरान अंसारी (36), निवासी झारखंड, अलीमुद्दीन अंसारी (33), निवासी झारखंड, राजकुमार गौतम उर्फ रिंकू (32), निवासी उत्तरप्रदेश , इन तीनों ने भी पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने50 से अधिक एटीएम कार्ड,92,000 रुपए नकद,8 मोबाइल फोन बरामद किए।

पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से खुला मामला

सीएसपी श्रीश्रीमाल ने बताया कि यह गिरोह बैंक लोन, फर्जी एप्स, मेल हैकिंग और सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से ठगी को अंजाम देता था। पुलिस की तकनीकी टीम ने मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल डिवाइसेज की गहन जांच कर पूरे गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की।

पुलिस ने सभी छह आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से सायबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ें;https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG हमारे फेसबुक से जुड़ें;https://www.facebook.com/me हमारे यूट्यूब से जुड़ें; https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh  हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509

Exit mobile version