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रिश्वत लेते पकड़े गए नायब तहसीलदार को तीन साल की सजा, कोर्ट ने कहा- ऐसे अफसरों से व्यवस्था पर से उठता है भरोसा…

जशपुर : 01 जुलाई 2025

रिश्वतखोरी के मामले में नायब तहसीलदार कमलेश कुमार मिरी को विशेष न्यायालय ने 3 साल की सश्रम कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र कुमार साहू की अदालत ने सुनाया।

रंगे हाथ पकड़े गए थे

अगस्त 2020 में मिरी, जशपुर तहसील में पदस्थ थे। उन्होंने जमीन के नामांतरण और ऋण पुस्तिका पर हस्ताक्षर के लिए अनोज कुमार गुप्ता से ₹3 लाख रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद ACB ने उन्हें तहसील कार्यालय में रिश्वत की किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।

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कोर्ट की सख्त टिप्पणी

अदालत ने कहा कि “ऐसे अफसरों की वजह से जनता का सिस्टम से भरोसा उठता है, इसलिए सख्त सजा जरूरी है।”

वर्तमान पदस्थापना

फिलहाल कमलेश मिरी सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील में प्रभारी तहसीलदार हैं। कोर्ट के फैसले के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना है।

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