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डाक विभाग और महाराष्‍ट्र मंडल ने मिलकर बनाई प्रेरणादायक लघु फिल्म ‘स्‍टाम्‍प वाली दादी’, बच्‍चों को डाक टिकट संग्रहण की मिली जानकारी…

रायपुर: 16 मई 2025 (भूषण )

छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल ने महाराष्‍ट्र मंडल के सहयोग से एक प्रेरणादायक 10 मिनट की लघु फिल्म ‘स्‍टाम्‍प वाली दादी’ तैयार की है, जिसका उद्देश्‍य बच्‍चों को डाक टिकट संग्रहण के महत्व से अवगत कराना है। इस फिल्म में कुमुद लाड ने ‘स्‍टाम्‍प वाली दादी’ की भूमिका निभाई है, जो बच्चों को डाक टिकटों के जरिए ज्ञान और इतिहास से जोड़ती हैं।

फिल्म में संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल के कक्षा 6वीं से 9वीं तक के विद्यार्थियों ने अभिनय किया है। फिल्म का निर्माण प्राचार्य मनीष गोवर्धन के मार्गदर्शन और शिक्षिकाओं अपर्णा आठले, तृप्ति अग्निहोत्री के सहयोग से हुआ। अनुषा, गार्गी सहित 15 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। फिल्म में दादी बच्चों को समझाती हैं कि डाक टिकट सिर्फ पत्र पहुंचाने का जरिया नहीं, बल्कि ज्ञान का खजाना हैं। इनके जरिए भारत के स्वतंत्रता आंदोलन, महापुरुषों, इमारतों, कला, संस्कृति, वन्यजीवन, वस्‍त्र परंपरा आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

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दादी बच्चों को बताती हैं कि मात्र 200 रुपये में स्थानीय डाकघर के फिलेटेली ब्यूरो में सदस्यता ली जा सकती है। इससे डाक साहित्य बच्चों को सीधे उनके घर भेजा जाएगा। बच्चे मिलकर एक फिलेटेली क्लब बनाकर डाक टिकट संग्रहण कर सकते हैं और हर टिकट की जानकारी एक विशेष नोटबुक में लिख सकते हैं, जिससे उनका सामान्य ज्ञान तेजी से बढ़ेगा।

लघु फिल्म में डाक विभाग की दीनदयाल स्पर्श योजना की जानकारी भी दी गई है। इस योजना में डाक टिकट आधारित परियोजना बनाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को छह हजार रुपये छात्रवृत्ति, और नगर, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः 15,000, 25,000 और 50,000 रुपये तक के पुरस्कार दिए जाते हैं। राष्ट्रीय विजेता को विश्व के सबसे बड़े डाक टिकट संग्रहालय के भ्रमण का अवसर भी मिलता है।

इस फिल्म की शूटिंग संत ज्ञानेश्वर स्कूल सहित विभिन्न स्थलों पर की गई। फिल्म निर्माण में छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल रायपुर की सोशल मीडिया टीम के प्रभारी गीतेश साहू, जयंत मंडल व विनय कुमार का विशेष योगदान रहा। यह लघु फिल्म न सिर्फ बच्चों को डाक टिकट संग्रहण की ओर आकर्षित करती है, बल्कि उन्हें एक रचनात्मक, ज्ञानवर्धक और सम्मानजनक मार्ग पर भी प्रेरित करती है।

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