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छत्तीसगढ़ में तेज आंधी-तूफान का कहर: जनहानि और भारी नुकसान…

रायपुर : 02 मई 2025 ( रिपोर्ट )

छत्तीसगढ़ में गर्मी के मौसम के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बीते शाम रायपुर समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी और बारिश ने तबाही मचाई। करीब 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने कई जगह पेड़ और होर्डिंग्स को गिरा दिया, जिससे जन-धन की हानि हुई है।

रायपुर और आसपास का हाल:

राजधानी रायपुर में शाम होते ही धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सिविल लाइन इलाके में पेड़ गिरने से एक निजी स्कूल की बाउंड्री वॉल टूट गई, वहीं तेलीबांधा तालाब के पास भी बड़ा पेड़ गिरा। देवेंद्र नगर में सड़क किनारे बना शेड गिर गया, जिससे कई कारें उसके नीचे दब गईं। जेसीबी की मदद से शेड को हटाया गया। पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा मौके पर पहुंचे और कहा, “क्वालिटी और सुरक्षा में कोई कमी नहीं है, कुदरती कहर के आगे हम लाचार हैं।”

बेमेतरा में दो मजदूरों की मौत:

बेमेतरा जिले के राखी जोबा स्थित एक राइस मिल में आंधी के चलते धान की बोरियां गिर गईं, जिससे नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई। इसी जिले के परपोड़ी इलाके में तेज हवाओं के चलते आग लग गई। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए, मोबाइल टावर और होर्डिंग्स भी धराशायी हो गए।

सिमगा और बालोद में तबाही:

सिमगा में तेज आंधी-तूफान से पूरा टोल प्लाजा तहस-नहस हो गया। नारायणी फार्म्स इलाके में एक होटल का बड़ा होर्डिंग गिर गया। पंडरी कपड़ा मार्केट में कई शोरूम की फ्रंट सीलिंग टूटकर गिर गई। पार्षद कृतिका जैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं बालोद में भी तेज तूफान ने कहर बरपाया।

अन्य जिलों में स्थिति:

मौसम विभाग का अलर्ट:

मौसम विभाग ने अगले 4 दिन के लिए प्रदेश में अंधड़ और बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंधी और बारिश की वजह से तापमान में 5 से 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली है।

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