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छत्तीसगढ़ सरकार ने नई नक्सल पुनर्वास नीति को दी मंजूरी, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को मिलेगी आर्थिक सहायता…

रायपुर, 13 मार्च 2025 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़ )

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई।

सरकार के अनुसार, इस नई नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को मुख्यधारा में लाकर राज्य में शांति और विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेंगी ये सुविधाएं

कैबिनेट में अन्य बड़े फैसले

इस बैठक में नक्सल पुनर्वास नीति के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए:

  1. भारतमाला परियोजना में भ्रष्टाचार की जांच – सरकार ने परियोजना में मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से कराने का फैसला किया है।
  2. ‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना’ का शुभारंभ – इस योजना के तहत चयनित युवाओं को आईआईएम रायपुर के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें मासिक वजीफा भी मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य: शांति और विकास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह नीति उन माओवादियों के लिए एक अवसर है जो हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त कर राज्य में शांति और विकास को बढ़ावा दिया जाए।”

छत्तीसगढ़ सरकार की इस नई पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या में इजाफा होगा और राज्य में शांति स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी।

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