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बिना आवेदन के भर गईं आत्मानंद स्कूल की सभी सीटें,पोर्टल में रायपुर के 4 नए स्कूलों का विकल्प गायब, दूसरी से 12वीं तक सीट फुल…

रायपुर :

रायपुर में आत्मानंद स्कूलों में आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो गई है लेकिन पोर्टल में दूसरी क्लास से 12वीं क्लास तक के लिए आवेदन ही नहीं लिए जा रहे। बिना आवेदन भरे 12वीं तक की सीट फुल हो गई है। वहीं पोर्टल में कुछ नए स्कूल के ऑप्शन भी नहीं हैं।

रअसल, दैनिक भास्कर को शिकायत मिली थी कि प्रवेश पोर्टल पर आवेदन ही स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। सिर्फ पहली क्लास में एडमिशन के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। पोर्टल में इसका कारण सीट न होना बताया जा रहा है।

केवल कक्षा-1 के लिए ही आवेदन

बिना आवेदन सीट फुल होने पर परिजनों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रवेश के पहले ही यह सीटें कैसे भर गई। जानकारों का कहना है कि कक्षा पहली के लिए नए बच्चे प्रवेश लिए जाते हैं। इसलिए केवल इस कक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। बाकी कक्षा में एक साल पहले के छात्र पास होकर आते हैं, इसलिए इन कक्षाओं में सीटें नहीं बची हैं।

पिछले साल शुरू हुए 5 नए में से 4 का विकल्प ही नहीं

पोर्टल की पड़ताल में पता चला कि पिछले साल शुरू हुए 5 नए आत्मानंद स्कूलों में 4 स्कूल शशिबाला स्कूल गुढ़ियारी, काशीराम शर्मा स्कूल भनपुरी, त्रिमूर्ति नगर और रायपुरा का विकल्प ही नहीं दिख रहा है। पिछले साल इन स्कूलों में पहली से 8वीं तक की कक्षाएं शुरू हुई थी। वहीं, इस साल से कक्षा पहली से 12वीं तक की कक्षाएं लगनी है।

जानिए कहां किस क्लास में हो रहा एडमिशन

इन स्कूलों में कक्षा-1 के लिए हो रहे एडमिशन

इन स्कूलों में कक्षा-1 के अलावा किसी में भी सीट नहीं है। जिसमें सरोना, माना कैम्प, लालपुर, सप्ने स्कूल बूढ़ापारा, बिन्नी बाई सोनकर स्कूल भाठागांव, निवेदिता स्कूल तिल्दा नेवरा, गोगांव, तिलक नगर गुढियारी शामिल है।

प्रदेश में 403 अंग्रेजी स्कूल

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के प्रदेश में कुल 403 स्कूल हैं। जबकि रायपुर में 33 हैं। इनमें 5 पिछले साल ही शुरू हुए हैं। पिछली बार नए स्कूलों में केवल पहली से 9वीं तक 40-40 सीटों पर ही प्रवेश हुए थे। इनमें कक्षा पहली के लिए ही हर स्कूल में 500 से 800 आवेदन आए थे।

पिछली बार कई आवेदन हुए थे निरस्त

शिक्षा विभाग के अनुसार, आवेदन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम में भरे जा सकते हैं। एक छात्र एक ही स्कूल में आवेदन कर सकता है। पिछली बार कई बच्चों के नाम 3 से 4 स्कूलों में शामिल थे, जिन्हें निरस्त कर दिया गया था।

बच्चियों के लिए 50 फीसदी सीट आरक्षित किए जाएंगे। इसके बाद जो सीट बचेगी, उनमें एडमिशन होंगे। इसमें आरक्षण रोस्टर का भी पालन किया जाएगा। इसके साथ ही महतारी दुलारी योजना के तहत जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, उनके लिए हर क्लास में 6 से 7 सीट आरक्षित रहेंगे। स्कूल प्रबंधन सीधे इन्हें एडमिशन देगा।

अब शिक्षा विभाग करेगा स्कूलों का संचालन

नए सत्र से इन स्कूलों का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग करेगा। अब तक यह स्कूल कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति संचालित कर रही थी। चर्चा यह भी है कि प्रदेश में आगामी शिक्षक भर्ती इन स्कूलों में भी हो सकती है। सेजस पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए जा सकेंगे।

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